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नयीदिल्ली,11मई(भाषा)देशकेहिंदीभाषीक्षेत्रोंमेंदक्षिणभारतीयफिल्मोंकीबढ़तीहुईलोकप्रियताकोलेकरबॉलीवुडअभिनेतारणवीरसिंहकाकहनाहैकिवहइसे'उत्तरबनामदक्षिण'केनजरिएसेनहींदेखतेऔरकलाक्षेत्रसृजनात्मकताकेलिएजानाजाताहै,जहांप्रतिस्पर्धाकीअवधारणानहींहोनीचाहिए।रणवीरसिंहनेपीटीआई-भाषाकोदिएविशेषसाक्षात्कारमेंकहा,‘‘मैंकलाक्षेत्रमें'उत्तरबनामदक्षिण'केविषयकोबेमानीमानताहूंऔरइसेइसनजरिएसेकभीनहींदेखता।मेरेमुताबिकजीवनमेंबहुतसारेऐसेक्षेत्रहैं,जहांप्रतिस्पर्धाकीभावनाहोनास्वाभाविकहै।उदाहरणकेतौरपरखेलकेक्षेत्रमेंप्रतिस्पर्धाकीभावनाकाफीप्रबलहोतीहै।मैंकलाकेक्षेत्रमें'उत्तरबनामदक्षिण'कीबहसकोखारिजकरताहूं।’’रणवीरनेकहा,‘‘एककलाकारकेतौरपरमैंअपनेईमानऔरसत्यनिष्ठाकीपूरीताकतकेसाथरक्षाकरताहूंऔरकलाकाक्षेत्रविषयपरकताकेदायरेमेंआताहै,जहांप्रतिस्पर्धाकीभावनानहींहोनीचाहिए।मैंअपनेसहयोगीऔरअन्यकलाकारोंकेसाथकभीप्रतिस्पर्धानहींकरता।मैंबेहतरकामकेलिएकेवलअन्यकलाकारोंकीसराहनाकरसकताहूं।मैंइसे'उत्तरबनामदक्षिण'केनजरिएसेनहींदेखता।हमसभीफिल्मीकलाकारभारतीयसिनेमाकाहिस्साहैं।’’रणवीरकेमुताबिक,भारतकीमूलपहचानउसकीविविधतामेंहैऔरवहउसपरगर्वकरतेहैं।रणवीरनेकहा,‘‘जबमैंकहींविदेशजाताहूंऔरमैंलोगोंसेमिलताहूंतोउन्हेंअपनेकामऔरअपनेदेशकीविविधताकेबारेमेंबताताहूं,जोहमारीताकतहै।जनसांख्यिकी,भूगोल,भाषाओं,संस्कृतियों,व्यंजनोंऔरअन्यचीजोंकोलेकरहमारादेशविविधताओंसेभराहुआहै।यहमेरेदेशकावहपहलूहै,जिसपरनिश्चितरूपसेमुझेबहुतगर्वहै।इसलिए,हमसभीभारतीयसिनेमाकाहिस्साहैं।’’रणवीरने‘‘पुष्पा’’और‘‘आरआरआर’’जैसीफिल्मोंकीप्रशंसाकरतेहुएकहाकिहमेंगर्वकरनाचाहिएकिहमारेदेशमेंऐसीशानदारफिल्मेंबनतीहैं।